
दुर्ग जिले के अमलेश्वर नगर पालिका परिषद में सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कुल 11 एजेंडों पर चर्चा की गई। अधिकांश प्रस्तावों को पार्षदों ने एकजुट होकर पारित किया, हालांकि कुछ मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए।
विपक्षी पार्षदों ने कहा कि नगर में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। सड़कों और नालियों की हालत खराब है, जबकि टैक्स वसूली नियमित की जा रही है। कई कॉलोनियों में गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन मरम्मत का कोई ठोस प्रयास नहीं दिख रहा।
नगर पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू और नेता प्रतिपक्ष दीपक घिंघोड़े ने भी पालिका प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले की बैठकों में लिए गए फैसलों पर अमल नहीं हुआ है, जिससे जनता में नाराजगी है।
वहीं अध्यक्ष दयानंद सोनकर ने भरोसा दिलाया कि सभी मुद्दों पर काम चल रहा है और जैसे ही फंड मिलेगा, योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद नगर के विकास के लिए एकजुट हैं और अमलेश्वर को स्वच्छ व सुविधा संपन्न बनाने के लिए प्रयास जारी हैं।
बैठक में सभी 11 एजेंडों पर चर्चा हुई, लेकिन अन्य जरूरी विषयों को नजरअंदाज कर दिया गया। बैठक के बाद अधिकारी बिना समापन की घोषणा के चले गए, जिससे पार्षदों में असमंजस बना रहा।
नगर के तालाब गंदगी से पटे पड़े हैं, सफाई के अभाव में हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब इंसान तो दूर, जानवर भी उसमें उतरने से कतराते हैं। लंबे समय से नगरवासी इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन पालिका प्रशासन की नजर अब तक इस दिशा में नहीं पड़ी। यह मामला आम जनजीवन और पर्यावरण से जुड़ा होने के बावजूद बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया, जो चौंकाने वाला है।



