
इस ज्ञानयज्ञ में कथा वाचन हेतु पूज्य संत रमेश भाई शुक्ल लखनऊ से छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर पधार रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन होगा। कथा में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और संस्कारों का आध्यात्मिक संगम देखने को मिलेगा। आयोजन में मुख्य यजमान की भूमिका श्रीमती चन्द्रवती वर्मा एवं नेहरू लाल वर्मा निभा रहे हैं।
25 दिसंबर को दोपहर 12:30 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसके बाद वेदी पूजन एवं कथा का शुभारंभ होगा। इस दिन भक्ति-ज्ञान-वैराग्य और धुंधकारी चरित्र पर आधारित प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे।
📌 आयोजन का मुख्य कार्यक्रम क्रम इस प्रकार रहेगा —
26-27 दिसंबर
सुबह 9 से 11 बजे तक 05 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार, दोपहर में भागवत कथा।
28 दिसंबर
गज-ग्राह चरित्र, समुद्र मंथन, वामन अवतार, मत्स्य अवतार एवं कृष्ण जन्मोत्सव।
29 से 31 दिसंबर
बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा, रासलीला, कंस वध, द्वारिका निर्माण एवं रुक्मिणी विवाह कथा।
01 जनवरी 2026
जरासंध वध एवं सुदामा चरित्र के साथ कथा विश्राम।
02 जनवरी 2026
गीता उपदेश, तुलसी वर्षा, हवन पूर्णाहुति, सहस्त्रधारा एवं भोग-भंडारा के साथ महायज्ञ का समापन।
आयोजकों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार सहित उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। आयोजक नेहरू लाल वर्मा ने बताया कि यह आयोजन जन-कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि की भावना से किया जा रहा है।
इस विशाल धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।




