
अम्लेश्वर/कुम्हारी | 25 दिसंबर
पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर और कुम्हारी को जोड़ने वाले मगरघटा-परसदा नाला पुल का निर्माण प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो सका है। भाजपा सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल के बाद भी पुल निर्माण नहीं होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
पूर्ववर्ती छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल में पुल निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसे जुलाई-अगस्त 2023 में प्रशासनिक व तकनीकी मंजूरी मिल चुकी थी। बावजूद इसके वर्तमान सरकार के कार्यकाल में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। इसे लेकर आम जनता लगातार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही।
यह मार्ग कुम्हारी से अम्लेश्वर होते हुए रायपुर जाने का प्रमुख रास्ता है। मगरघटा क्षेत्र से हाई स्कूल पढ़ने आने वाले दर्जनों छात्रों को बारिश के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों और व्यापारियों को भी आवागमन में दिक्कतें होती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “मोदी की गारंटी” और “विष्णु के सुशासन” के दावों के बावजूद पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं सेतु विभाग की चुप्पी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर भी लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।




