
नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025: भारत और रूस के बीच गहरे रिश्तों और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को श्रीमद्भागवत गीता का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।
यह भेंट भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वभर में भारतीय दर्शन के महत्व को दर्शाती है। श्रीमद्भागवत गीता, जो जीवन, धर्म और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का प्रमुख ग्रंथ है, को रूसी भाषा में अनुवादित कर रूस में भी लोगों तक पहुँचाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि “श्रीमद्भागवत गीता मानवता के लिए ज्ञान का अनमोल स्रोत है। हमें खुशी है कि इसे रूस के लोगों तक पहुँचाने का अवसर मिला। यह हमारी सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।”
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस भेंट को स्वीकार करते हुए भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “भारतीय दर्शन और संस्कृति में गहरी समझ है। यह भेंट हमारे संबंधों में एक नई ऊँचाई जोड़ती है।”
भारत और रूस के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी दोनों देशों के मित्रवत संबंधों का प्रतीक है। इस भेंट के माध्यम से दोनों देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और साझेदारी की भावना और अधिक प्रगाढ़ हुई है।




