
बलरामपुर, गोविंदा सोनकर।जिले के कुसमी विकासखंड के हंसपुर गांव में राजस्व टीम की कार्रवाई के दौरान आदिवासी की मौत के मामले में आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। आरोपी एसडीएम करुण कुमार डहरिया को सामान्य प्रशासन विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कथित अवैध बॉक्साइट उत्खनन की जांच के नाम पर देर रात गांव पहुंचे एसडीएम और उनकी टीम पर 62 वर्षीय रामनरेश राम, 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल रामनरेश राम की अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य अभी भी उपचाराधीन हैं।
घटना के बाद कुसमी के शिव चौक पर उग्र प्रदर्शन हुआ, चक्का जाम किया गया और दोषियों की गिरफ्तारी के साथ 1 करोड़ रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग उठी। मामला तूल पकड़ता देख प्रशासन हरकत में आया।
बलरामपुर एसपी ने पहले ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एसडीएम को सस्पेंड किए जाने के बाद यह संकेत साफ है कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है।
इस घटना ने प्रदेश भर में प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आदिवासी समुदाय में गहरा आक्रोश है और विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।




